चक्रवात अर्नब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकरा गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तूफान अब जमीन पर कमजोर पड़ रहा है। इसके बावजूद आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कुछ अन्य राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
मुख्य बातें
- लैंडफॉल यानम के दक्षिण-पश्चिम में, सुबह लगभग 2 से 8 बजे के बीच हुआ
- हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी/घंटा रही, झोंके 150 किमी/घंटा तक पहुंचे
- सुबह 8:30 बजे तूफान कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आया
- सुबह 9:50 बजे के बुलेटिन में IMD ने लैंडफॉल पूरा होने की पुष्टि की
- 1.8 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
- 31 अक्टूबर तक कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है
चक्रवात अर्नब का ताजा अपडेट
IMD ने सुबह 9:50 बजे के बुलेटिन में बताया कि अर्नब का केंद्र अब पूरी तरह जमीन के ऊपर आ चुका है। तूफान आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। मौसम विभाग सिस्टम की गति और कमजोर पड़ने की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए है। जमीन पर आने के बाद भी चक्रवात अपने साथ तेज बारिश और हवाएं लाता है, इसलिए खतरा तुरंत खत्म नहीं होता।
अर्नब ने कहां और कब लैंडफॉल किया?
IMD के अनुसार चक्रवात अर्नब ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 2 बजे से 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट को पार किया। तट पार करने की जगह यानम के दक्षिण-पश्चिम में थी। लैंडफॉल की यह प्रक्रिया छह घंटे से ज्यादा चली। इस दौरान अधिकतम स्थायी हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी/घंटा दर्ज की गई, जबकि झोंके 150 किमी/घंटा तक पहुंचे।
किन राज्यों पर असर?
आंध्र प्रदेश और यानम: लैंडफॉल वाला क्षेत्र होने के कारण यहां सबसे ज्यादा असर पड़ा। IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था।
दक्षिण ओडिशा: यहां भी भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी थी। इससे पहले ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों के लिए 25 से 27 अक्टूबर के बीच रेड अलर्ट की खबरें आई थीं।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता और आसपास के तटीय इलाकों में मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई थी।
अन्य राज्य: एक रिपोर्ट के अनुसार IMD ने 31 अक्टूबर तक कई और राज्यों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। अपने जिले का सटीक अलर्ट IMD की वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन से जरूर जांचें।
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राहत और बचाव कार्य
तूफान से पहले और उसके दौरान 1.8 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आपातकालीन राहत टीमें प्रभावित जिलों में जरूरी सेवाएं बहाल करने के काम में लगी हैं। नुकसान और राहत कार्यों के आधिकारिक आंकड़े राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से आने पर पता चलेंगे।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
चक्रवात कमजोर पड़ रहा है, लेकिन IMD ने 31 अक्टूबर तक कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे मौसम में ये जोखिम बने रहते हैं:
- निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात
- पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली और संचार सेवाओं में रुकावट
- कमजोर और कच्चे मकानों को नुकसान
- नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ना
चक्रवात के दौरान और बाद में क्या सावधानियां बरतें?
- IMD और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियां नियमित रूप से देखते रहें।
- जलभराव वाली सड़कों, नदी-नालों और समुद्र तट से दूर रहें।
- गिरे हुए बिजली के तारों और खंभों को बिल्कुल न छुएं।
- तेज हवाओं में पेड़ों और कमजोर इमारतों के पास न रुकें।
- मोबाइल चार्ज रखें और टॉर्च, जरूरी दवाइयां व पीने का पानी तैयार रखें।
- राहत शिविर से तभी लौटें जब प्रशासन सुरक्षित होने की घोषणा करे।
- सोशल मीडिया पर आने वाली अपुष्ट खबरों को आगे न भेजें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चक्रवात अर्नब खत्म हो गया है?
लैंडफॉल पूरा हो चुका है और तूफान कमजोर पड़ रहा है, लेकिन बारिश और जलभराव का असर कुछ दिन तक रह सकता है।
अर्नब ने कहां लैंडफॉल किया?
आंध्र प्रदेश और यानम तट पर, यानम के दक्षिण-पश्चिम में।
चक्रवात अर्नब की हवा की रफ्तार कितनी थी?
IMD के अनुसार 125 से 135 किमी/घंटा, झोंके 150 किमी/घंटा तक।
