Himachal Weather, 2 सितंबर 2026: मानसून का असर हिमाचल प्रदेश में अभी थमा नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल यानी 2 और 3 सितंबर के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके दायरे में कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले आते हैं। इस बीच मंगलवार रात हुई भारी बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में नुकसान पहुंचाया है।
किस जिले में कितनी बारिश हुई
पिछले 24 घंटों की बात करें तो बिलासपुर जिले के नयना देवी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 186.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके पीछे मलराव (140 मिमी), कसौली (102 मिमी) और घाघस (99 मिमी) रहे। कांगड़ा जिले में नगरोटा सूरियां में 98.2 मिमी और कांगड़ा शहर में करीब 69 मिमी बारिश हुई। शिमला में यह आंकड़ा 42.8 मिमी और बिलासपुर शहर में 64 मिमी रहा। सिरमौर के नाहन में 58.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इन आंकड़ों से साफ है कि बिलासपुर और कांगड़ा जिले फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो मौसम विभाग के अलर्ट वाले जिलों से भी मेल खाता है।
बिलासपुर: पहाड़ी से गिरा पत्थर, पशुधन को नुकसान
बिलासपुर जिले की जुखाला पंचायत के नलवाड़ गांव में मंगलवार रात एक बड़ा पत्थर पहाड़ी से खिसककर एक गौशाला पर आ गिरा। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि के मुताबिक इस घटना में एक गाय की मौत हो गई और एक बछड़ी को चोटें आईं, जबकि गौशाला में मौजूद टोका मशीन भी क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने वहां बंधे बाकी पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पंचायत स्तर पर आशंका जताई गई है कि उस पहाड़ी से और मलबा गिर सकता है, जिससे आसपास के कुछ परिवारों को खतरा बना हुआ है और प्रशासन से राहत सामग्री की मांग की गई है।
कुल्लू-आनी संपर्क बाधित: NH-305 पर भूस्खलन
राज्य में सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा है। नेशनल हाईवे 305 पर कई जगह भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई हैं, खासकर कंडूगाड़, कमांद और खनाग के आसपास। इसके चलते आनी विधानसभा क्षेत्र का कुल्लू जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। मार्ग पर फंसे वाहनों को निकालने और सड़क बहाल करने का काम प्रशासनिक टीमें कर रही हैं, हालांकि इसमें अभी समय लग सकता है।

सिरमौर: नाहन-ददाहू रूट बंद, वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध
सिरमौर जिले में नाहन-ददाहू सड़क नेहली के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गई है, जिससे इस रूट पर दोनों तरफ की आवाजाही रुक गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार मलबा हटाने का काम चल रहा है और शाम तक रास्ता खुलने की संभावना है। तब तक यात्री जमटा-बिरला या शिलनू-कैलाश मार्ग के जरिए ददाहू पहुंच सकते हैं।
इस मानसून सीजन का कुल नुकसान: एक नजर में
| आंकड़ा | संख्या |
|---|---|
| मौतें (30 जून – 1 सितंबर) | 259 |
| घायल | 468 |
| सड़क हादसों में मौत | 153 |
| पूरी तरह ध्वस्त मकान (पक्के+कच्चे) | 105 |
| आंशिक क्षतिग्रस्त मकान | 451 |
| क्षतिग्रस्त गौशालाएं | 397 |
| कुल आर्थिक नुकसान | करीब ₹1,202 करोड़ |
(स्रोत: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश)
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 से 6 सितंबर तक राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जबकि 7-8 सितंबर को कुछ ही स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। पूरे सितंबर महीने के लिए चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान है, जबकि बाकी राज्य में बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद जताई गई है।
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यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिलों में आज और कल भारी बारिश का अलर्ट है — जरूरी न हो तो यात्रा टालें
- NH-305 (कुल्लू-आनी) और नाहन-ददाहू मार्ग पर निकलने से पहले ताजा स्थिति की जानकारी लें
- पहाड़ी ढलानों, कमजोर चट्टानों और नदी-नालों के पास रुकने या वाहन खड़ा करने से बचें
- आपातकाल की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या SDRF हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें
(जानकारी मौसम विज्ञान केंद्र शिमला, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)